भोपाल विश्व हिंदी सम्मेलन में कैलाश बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय सम्मान

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कैलाश बुधवार  ब्रिटेन में बसे भारतीय मूल के हिंदी लेखक है। बी.बी.सी. हिंदी सेवा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कैलाश बुधवार पहले भारतीय हैं जो बी.बी.सी. रेडियों में हिन्दी एवं तमिल विभागों के अध्यक्ष रह चुके हैं। एक लम्बे अर्से तक बी.बी.सी. रेडियो में काम करने के पश्चात आजकल वे कथा यू. के. के अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं।

लंदन का शायद ही कोई ऐसा कार्यक्रम होगा जिसमें वे भागीदारी या अध्यक्षता न कर चुके हों। हिन्दी के कर्मठ सिपाही कैलाश बुधवार कविता भी लिखते हैं और मंच पर कवि सम्मेलनों का संचालन भी करते हैं। मंच से उनका रिश्ता पृथ्वी थियेटर के दिनों से है। पृथ्वीराज कपूर का असर उनके रेडियो प्रसारण एवं नाटक दोनों ही क्षेत्रों में महसूस किया जा सकता है।

NRIfm.com के सम्पादक  विजय राणा के साथ बीबीसी के अपने आरंभिक दिनों की याद करते हुए कैलाश बुधवार |

प्रस्तुत है कैलाश बुधवार के साथ इस बातचीत का दूसरा भाग

 खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी … सुभद्रा कुमारी चौहान के एतहासिक कविता कैलाश बुधवार के स्वर में.

 खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी …

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